:
Breaking News

कैमूर में उत्पाद विभाग पर एंबुलेंस चालक से मारपीट का आरोप, NH-19 पर शराब जांच के दौरान बवाल

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

बिहार के कैमूर जिले के मोहनिया में एंबुलेंस चालक से उत्पाद विभाग कर्मियों पर मारपीट का आरोप लगा है। NH-19 पर शराब जांच के दौरान हुई इस घटना से लोगों में आक्रोश फैल गया है।

कैमूर/आलम की खबर:Bihar में शराबबंदी कानून के क्रियान्वयन को लेकर एक बार फिर उत्पाद विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा मामला कैमूर जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र स्थित एनएच-19 का है, जहां एंबुलेंस चालक के साथ कथित रूप से उत्पाद विभाग के कर्मियों द्वारा मारपीट किए जाने का आरोप सामने आया है। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है और स्थानीय लोग विभागीय कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार यह घटना उस समय हुई जब एक एंबुलेंस चालक वाराणसी में एक मरीज को छोड़कर वापस लौट रहा था। इसी दौरान मोहनिया स्थित उत्पाद विभाग के चेक नाका पर वाहन को रोक लिया गया। चालक का आरोप है कि वहां मौजूद कर्मियों ने बिना किसी स्पष्ट और औपचारिक जांच प्रक्रिया के एंबुलेंस को रोककर तलाशी शुरू करने की कोशिश की।

एंबुलेंस चालक ने बताया कि उसने अधिकारियों को यह स्पष्ट रूप से बताया कि वाहन में कोई भी शराब या अवैध सामग्री नहीं है और वह केवल मरीज को छोड़कर लौट रहा है। इसके बावजूद कर्मियों ने उसकी बातों को नजरअंदाज कर दिया। चालक के अनुसार, मौके पर मौजूद कर्मी गाली-गलौज करने लगे और देखते ही देखते स्थिति बिगड़ गई।

आरोप है कि इसके बाद एंबुलेंस चालक के साथ मारपीट शुरू कर दी गई। उसे सड़क पर गिराकर पीटने का भी आरोप है, जिससे वह घायल हो गया। यह घटना उस समय और गंभीर हो गई जब यह सामने आया कि जिस स्कॉर्पियो वाहन से उत्पाद विभाग के कर्मी मौके पर पहुंचे थे, उस पर नंबर प्लेट नहीं लगी हुई थी।

इस पहलू ने स्थानीय लोगों के बीच आक्रोश और बढ़ा दिया है। लोगों का कहना है कि जब कार्रवाई करने वाले वाहन ही नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, तो आम जनता से नियमों की उम्मीद कैसे की जा सकती है। ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने इस घटना को लेकर उत्पाद विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

घटना की सूचना मिलते ही मोहनिया थाना पुलिस और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया और दोनों पक्षों से जानकारी ली। हालांकि, घटना के बाद कुछ समय तक इलाके में तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि शराब जांच के नाम पर उत्पाद विभाग के कर्मियों द्वारा कई बार मनमानी की जाती है। वाहन चालकों को रोककर उनसे अभद्र व्यवहार और दुर्व्यवहार की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। लेकिन इस बार मामला इसलिए और गंभीर हो गया क्योंकि एक एंबुलेंस जैसे जरूरी और आपातकालीन वाहन को निशाना बनाए जाने का आरोप है।

Excise Department Bihar की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि शराबबंदी कानून के नाम पर आम नागरिकों और वाहन चालकों को अनावश्यक परेशान किया जा रहा है, जिससे प्रशासन और जनता के बीच दूरी बढ़ रही है।

घटना के बाद घायल एंबुलेंस चालक ने न्याय की मांग की है। उसने आरोप लगाया कि वह केवल अपना कर्तव्य निभा रहा था, लेकिन उसे बिना किसी कारण के अपराधी की तरह पीटा गया। चालक ने दोषी कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

स्थानीय लोगों ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है और प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। उनका कहना है कि अगर एंबुलेंस चालक के साथ इस तरह का व्यवहार होगा तो आम लोगों की सुरक्षा और सम्मान दोनों खतरे में पड़ जाएंगे।

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राज्य में शराबबंदी कानून पहले से ही बहस का विषय बना हुआ है। कई बार इस कानून के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठते रहे हैं कि कहीं इसका दुरुपयोग तो नहीं हो रहा है।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करता है। क्या दोषी कर्मियों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे या फिर यह मामला भी अन्य घटनाओं की तरह धीरे-धीरे शांत हो जाएगा। फिलहाल इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और लोग न्याय की मांग कर रहे हैं।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *